भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य



आज पूरी दुनिया में  प्रदूषण ही एक बड़ी समस्या है। भारत भी इस समस्या में  शामिल है। इस प्रदूषण की समस्या के कई कारण है जिसमे दोपहिया वाहन, चार पहिया वाहन, एयर कंडीशनर और भी बहुत कुछ शामिल हैं। लेकिन इस प्रदूषण के लिए वाहन अधिक जिम्मेदार हैं क्योंकि वाहन में उपयोग होने वाले पेट्रोल और डीजल के कारण ही कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड और कई खतरनाक गैसों का मुख्य स्रोत हैं। यदि हम इस समस्या का स्थायी समाधान खोज लें तो आने वाले समय में परिणाम बहुत ही सकारात्मक होग। 




आज इलेक्ट्रिक वाहन सबसे अच्छा समाधान है जो की पेट्रोल और डीजल से चलने वाली वाहनों की जगह ले रहा है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनो का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, हर कोई स्वस्थ वातावरण में रहन चाहता है इसलिए इसका एक मंत्र है  "गो ड्राइव गो ग्रीन"। इलेक्ट्रिक वाहनो से खतरनाक गैसे से उत्पन्न नहीं होती हैं जिससे स्वस्थ वातावरण बनाता हैं। इलेक्ट्रिक कारें कम से कम परिचालन लागत प्रदान करती हैं। इलेक्ट्रिक कारें कई प्रकार की होती हैं , जैसे कि:-


भारत में विद्युत वाहनों के प्रकार


(1) इलेक्ट्रिक कारें और वाहन जो सौर ऊर्जा से चलती है  (2)इलेक्ट्रिक कारें हाइब्रिड से चलती है  (3) बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारें जिन्हें  इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) के रूप में जाना जाता है। (4) इलेक्ट्रिक वाहन जो अधिक बाजार में हैं वह Hyundai Kona Electric, Mahindra e-Verity, Tata Tigor EV 2019



इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी

एक अनिवार्य अप्रत्यक्ष कर जिसे हम जीएसटी है जो की पूरे देश में संपत्ति और सेवाओं के व्यापार, उत्पादन और खपत पर लागू होता है। ऑपरेटर से उपयोगकर्ता तक माल की संख्या के लिए यह एक अलग कर मानक है। प्रत्येक चरण में जीएसटी केवल उद्देश्य विस्तार के लिए उपयुक्त है। हालांकि, वाहनों के व्यवसाय करने लिए आपके पास जीएसटी पंजीकरण आवश्यक है।

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